Treatment of joint pain

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Treatment of joint pain

Treatment of joint pain : अर्थराइटिस की बीमारी शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से होती है हमें ऐसी कोई भी चीज नहीं खानी जिसमे यूरिक एसिड बहुत ज्यादा हो या फिर यूरिक एसिड को पैदा करती हो , यूरिक एसिड के कारण ही जोड़ों में दर्द होता है |

इस पोस्ट को शुरू करने से पहले आपको एक बात बताना जरूरी है कि यह पोस्ट नीचे दी गईं वीडियो का लिखित रूप है | जो जानकारी इस वीडियो में दी गईं है वही जानकारी इस पोस्ट में भी दी गईं है |

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Treatment of joint pain : गठिया में करे इन आहारो का सेवन :-

1. इसके पीड़ित को अपने आहार में केले, दलिया, सूखे मेवे आदि शामिल करना चाहिए |


2. मैथी दाना –

  • रोज सुबह खाली पेट मेथी दानों को दरदरा कूटकर पानी के साथ लेने से फायदा मिलता है |
  • सर्दियों में इसे 2 चम्मच ले और गर्मियों में 1 चम्मच |

3. अदरक –

  • अदरक के सेवन से हड्डियों की सूजन कम होती है |
  • इलसिए अपने आहार में खूब सारा अदरक जरुर शामिल करे |
  • यह प्रभावी Home Remedies for Arthritis है |

4. कद्दू खाएं –

5. संतरा –

  • संतरा खाएं इसमें विटामिन सी होता है जो कि स्वास्थ्य वर्धक कोलाजिन होता है |
  • विटामिन सी से हड्डियां मजबूत बनती हैं |

6. हल्दी खाएं –

7. चैरी खाएं –

  • एंथोकाइनिन जोड़ों को मजबूत बनाता है, जिससे जोड़ मजबूत बन जाते हैं और उनमें दर्द कम होता है |
  • अर्थराइटिस होने पर नियमित लहसुन खायें, खूब सारा पानी पियें, बथुए का जूस पिये, नियमित व्यायाम करें |
  • यदि इसका दर्द असहनीय हो जाये तो चिकित्सक से संपर्क करें |

Treatment of joint pain : इन आहारो के सेवन से बचे :-

1. पालक –

  • पालक का साग अन्य रोगों में गुणकारी होता है क्योंकि इसमें लोह तत्व की मात्रा अधिक होती है |
  • जो खून की कमी को दूर करता है |
  • इसके बावजूद पालक गठिया के लिए हानिकारक है |
  • पालक में ऑक्जेनिक एसिड व कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है |
  • जिससे गठिया के रोगियों में पालक के सेवन से जोड़ो में यूरिक एसिड और कैल्शियम का संचय अधिक होने लगता है |

2. फूलगोभी, मटर, सेम और अन्य फलियां –

  • इन सभी में प्यूरिन्स ( purines ) की मात्रा ज्यादा होती है |
  • लेकिन यह जरूरी नहीं की आप इनको एकदम से खाना बंद कर दे क्योकि इनमे बहुत से गुणकारी तत्व भी होते है |
  • अगर इनको कच्चा और कम मात्रा में लिया जाये तो यह इतने हानिकारक नहीं होते है |

3. शराब और सॉफ्ट ड्रिंक –

  • अर्थराइटिस के मरीजों को शराब और साफ्ट ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए । अल्कोहल खासकर |
  • बीयर शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाता है , और शरीर से गैर जरूरी तत्व निकालने में शरीर को रोकता भी है |
  • इसी तरह सॉफ्ट ड्रिंक खासकर मीठे पेय या सोडा में फ्रक्टोज नामक तत्व होता है, जो यूरिक एसिड के बढ़ने में मदद करता है |

4. टमाटर न खायें –

  • टमाटर हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है |
  • क्योंकि इसमें विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में मौजूद होता है |
  • लेकिन यह अर्थराइटिस के दर्द को बढ़ाता भी है |
  • टमाटर में कुछ ऐसे रासायनिक घटक पाये जाते हैं जो गठिया के दर्द को बढ़ाकर जोड़ों में सूजन पैदा कर सकते हैं । इसलिए टमाटर खाने से परहेज करें |

5. मशरूम –

  • जैसा हम सभी जानते है की मशरूम, प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है |
  • लेकिन इसमें प्यूरिन्स की मात्रा ज्यादा होती है । इसलिए आपको इसे प्रयोग नहीं करना चाहिए |

6. चाय कॉफ़ी –

  • यदि आपको बहुत ज्यादा चाय कॉफ़ी पिने की आदत है तो इसे थोडा कम कर देते हैं |
  • क्योंकि शरीर को डीहाइड्रेट बनाता है जिससे दर्द बढ़ता है |
  • साथ ही यह शरीर के जरुरी पोषक तत्वों को भी सोख लेती है |

7. मछली न खायें –

  • अर्थराइटिस होने पर ओमेगा – 3 फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • मछली का सेवन करने से अर्थराइटिस का दर्द बढ़ सकता है |
  • मछली में अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता है |
  • प्यूमि हमारे शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड पैदा करता है |

8. मीट –

  • हर प्रकार के मीट में प्यूरिन्स ( purines ) की मात्रा ज्यादा होती है |
  • रेड मीट , जैसे गाय भेड , सूअर इत्यादि , गठिया के रोगियों को नहीं खाना चाहिए |
  • यहाँ तक की वाइट मीट जैसे चिकन में भी प्यूरिन्स की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए जहां तक हो इन्हे ना खाए |

9. शुगरयुक्त आहार –

  • गठिया के मरीज को चीनी और मीठा खाने से परहेज करना चाहिए |
  • शुगर का अधिक सेवन करने से शरीर के कुछ प्रोटीन्स का हास होता है |
  • यह आपके गठिया के दर्द को बढ़ा सकता है |
  • इसलिए गठिया होने पर शुगर और शुगरयुक्त आहार का सेवन करने से बचें |

10. डेयरी प्रोडक्ट –

  • दुग्ध उत्पादों से बने खाद्य पदार्थ भी अर्थराइटिस के दर्द को बढ़ा सकते हैं |
  • क्योंकि दूध में भारी मात्रा में प्यूरीन पाया जाता है जिससे यूरिक एसिड को बढावा मिलता है |
  • जैसे – पनीर, बटर आदि में कुछ ऐसे प्रोटीन होते हैं जो जोड़ों के आसपास मौजूद ऊतकों को प्रभावित करते हैं |
  • इसकी वजह से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है । इसलिए अर्थराइटिस में दुग्ध उत्पादों को खाने से बचें |

11. बैंगन, आलू और मिर्च आदि का सेवन ना करें नहीं तो दर्द बढ़ सकता है |


ये थी जानकारी Treatment of joint pain गठिया रोग के आहार के बारे में |

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दिव्या शर्मा

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